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Friday 04 Apr 2025 5:17 AM

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कब करें होलिका दहन ? जाने शुभ मुहूर्त : शुभ समय में होलिका दहन और विभूति धारण करना विशेष फलदाई है -डाॅ.देव नारायण पाठक



नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, प्रयागराज के ज्योतिष,कर्मकाण्ड,वास्तुशास्त्र एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. देव नारायण पाठक ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि में होलिका दहन होता है। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 6मार्च तदनुसार वार सोमवार को अपराह्न 4:00बजे से लग रही है,जो कि 7मार्च को सायंकाल 5:44बजे तक रहेगी। पूर्णिमा और प्रदोष काल के संयोग से होलिका दाह होता है। इस वर्ष 6मार्च को ही प्रदोषकाल में पूर्णिमा तिथि प्राप्त हो रही है और अगले दिन  7मार्च को प्रदोष काल से पहले ही पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसी परिस्थिति में यह निश्चित हुआ कि 6मार्च को ही होलिका दहन होना चाहिए। होलिका दहन में भद्रा भी विचारणीय होती है अतः  भद्रा 6मार्च को अपराह्न 4बजे से 7मार्च की  भोर 5:02बजे तक है। ऐसी परिस्थिति में धर्म सिन्धु के अनुसार 

परदिने प्रदोष स्पर्शाभावे पूर्वदिने यदि (यदि निशीथात्प्राक् भद्रा समाप्तिस्तदा भद्रावसानोत्तरमेव होलिका दीपनम्)निशीथोत्तरं भद्रा समाप्तौ भद्रामुखं त्यक्त्वा भद्रायामेव  प्रदोषे भद्रामुखव्याप्ते भद्रोत्तरं प्रदोषोत्तरं वा । वाक्य के अनुसार दूसरे दिन पूर्णिमा का स्पर्श यदि प्रदोष काल में न हो रहा हो तो पहले दिन यदि भद्रा की समाप्ति निशीथकाल के बाद हो रही है तो भद्रा के मुख को त्याग करके भद्रा में ही होलिका दाह किया जाना चाहिए । प्रदोष काल में यदि भद्रा की व्याप्ति हो तो भद्रा बीतने के बाद अथवा प्रदोषकाल बीतजाने के बाद होलिका दहन होना चाहिए।

ऐसी ही परिस्थिति इस वर्ष बन रही है ।अतः 6मार्च को

 भद्रा मुखकाल छोड़कर भद्रापुच्छभाग के समय में  अर्थात् रात्रि 12:27 से रात्रि 1:39तक के मध्य एक घंटे बारह मिनट के समयान्तराल में होलिका दहन करना चाहिए।

तथा अगले दिन 7मार्च मंगलवार को चूंकि सायंकाल के समीप तक पूर्णिमा तिथि हो रही है, इसलिए इस दिन न तो होलिका विभूतिधारण करना चाहिए और न ही रंगोत्सव मनाना चाहिए। इसके लिए सूर्योदय व्यापिनी प्रतिपदा 8मार्च को है ।अतः 8मार्च बुधवार को ही होलिका विभूति धारण करना तथा रंगोत्सव मनाना शुभदायक होगा। 

    शुभ समय में होलिका दाह और होलिका विभूतिधारण करने से वर्ष पर्यन्त परिवार में मंगल रहता है इसके विपरीत करने पर अरिष्ट की प्रवृत्ति संभव है। एक प्रश्न के उत्तर में डाॅक्टर देव नारायण पाठक ने बताया कि मेष राशि के जातकों को पीले रंग से होली खेलने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होने के योग बन रहे हैं।वृषभ राशि के जातकों को नीले रंग से होली खेलने से करियर की बाधाएं को दूर होती जाएगी।

मिथुन राशि के जातकों को नीले रंग से होली खेलने से करियर की बाधाएं को दूर होने के योग बन रहे हैं।

कर्क राशि के जातकों को पीले रंग से होली खेलने से धन लाभ के योग बन रहे हैं। 

सिंह राशि के जातकों को लाल रंग से होली खेलने से स्वास्थ्य की समस्याएं दूर होती जाएंगी।

कन्या राशि के जातकों को सफेद या चन्दन से होले खेलने पर मानसिक चिंताओं और तनाव से मुक्ति मिलेगी। 

तुला राशि के जातकों को हरा रंग से होली खेलने पर आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि के जातकों को सफेद रंग से होली खेलने पर मानसिक चिंताओं और तनाव दूर होते जाएंगे।धनु राशि के जातकों को गुलाबी रंग से होली खेलने पर शीघ्र विवाह और अच्छे वैवाहिक जीवन अच्छा होता जाएगा।मकर राशि के जातकों को हरा रंग से होली खेलने पर आर्थिक लाभ होगा।कुंभ राशि के जातकों को सिल्वर रंग से होली खेलने पर सेहत दुरुस्त होती जाएगी।मीन राशि के जातकों को नारंगी रंग से होली खेलने पर संतान पक्ष से लाभ होने के योग बनेंगे।


                                                                 डाॅ.देव नारायण पाठक


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