तो ऐसे तोड़ेगा भारत बांग्लादेश की कमर, बैलगाड़ी बन जाएंगी गाड़ियां?
- Posted By: sk shukla
- अन्तर्राष्ट्रीय समाचार
- Updated: 18 December, 2024 13:26
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पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ दिल्ली के व्यापारियों में नाराजगी है। अब भारत सरकार के साथ-साथ भारतीय व्यापारियों से भी अपील की जा रही है कि वे बांग्लादेश के साथ अपनी व्यापारिक गतिविधियां कम करें। इतना ही नहीं ऑटो स्पेयर पार्ट्स उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने एक महीने तक बांग्लादेश के साथ व्यापार न करने का फैसला किया है।
दिल्ली में व्यापारियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर व्यापारी समुदाय में गुस्सा है। बृजेश गोयल ने कहा कि 5-7 साल पहले चीन ने सीमा पर हमारे सैनिकों पर हमला करने की हिमाकत की थी, जिसके बाद भारतीय उपभोक्ताओं और व्यापारियों ने चीनी सामान का बहिष्कार किया था। अब चीन को सबक मिल गया है और सीमा पर स्थिति संतोषजनक है, ऐसे में चीन की तरह बांग्लादेश को भी सबक सिखाना जरूरी है।
बांग्लादेश ऑटो पार्ट्स उद्योग
बृजेश गोयल ने बताया कि बांग्लादेश में 95 प्रतिशत ऑटो मोटर पार्ट्स आयात किए जाते हैं, जिसमें से 90 प्रतिशत माल भारत से निर्यात किया जाता है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश से हर महीने करीब 1 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
इतना व्यापार हुआ बांग्लादेश के साथ
उन्होंने बताया कि 2023-24 में दोनों देशों के बीच 14 बिलियन डॉलर (करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार हुआ। अब सरकार को कड़े फैसले लेने होंगे और बांग्लादेश पर आर्थिक दबाव बनाना होगा। भारत और दिल्ली के व्यापारी और उद्यमी केंद्र सरकार के साथ हैं, सीटीआई ने चेतावनी दी है कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बंद नहीं हुए तो दिल्ली और देश के सभी व्यापारी बांग्लादेश के साथ सारा व्यापार खत्म कर देंगे और सीटीआई से जुड़े हजारों व्यापारी बांग्लादेश के साथ कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं करेंगे।
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