दुनिया का अनोखा शिव मंदिर जहां घी चढ़ाने पर बनता है मक्खन: शिवगंगा गंगाधरेश्वर मंदिर तुमुकुरु कर्नाटक, वैज्ञानिक भी है हैरान !
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- बातें धर्म की.....
- Updated: 18 July, 2023 08:05
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एक ऐसा मंदिर जो 1600 साल से विज्ञान के लिए एक अद्भुत पहेली बना हुआ है।
इस मंदिर में 1600 साल से हो रहा है चमत्कार, शिव के अभिषेक के समय घी बन जाता है मक्खन इस रहस्य का पता आज तक विज्ञान भी नहीं लगा पाया है। कुछ विषयों का तो विज्ञान के पास भी जवाब नहीं है। सनातन धर्म के बारे में आप जितना जानने की कोशिश करेंगे यह उतना ही रहस्यमय और गहरा होता जाएगा। अब एक रहस्य यह भी है कि भगवान शिव पर अभिषेक किया गया घी मक्खन का रूप ले लेता है। हम सभी जानते हैं कि घी बनाने के लिए एक बार मक्खन को पिघलाने के बाद उसे वापस मक्खन के रूप में लाना असंभव है।
लेकिन कर्नाटक के तुमुकुरु जिले के शिवगंगा गंगाधरेश्वर मंदिर में ऐसी अद्भुत घटना घटती है, जहां विज्ञान भी बिना तर्क के मूकदर्शक बन जाता है। यह मंदिर बेंगलुरु से 54 किमी और कर्नाटक की राजधानी तुमुकुरु से 19 किमी दूर शिवगंगा पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर 804.8 मीटर यानी 2640.3 फीट ऊंचे शिवगंगा पर्वत शिखर पर स्थित है। इस पर्वत का आकार शिवलिंग जैसा है और पास में ही एक नदी बहती है, जिसे गंगा के नाम से जाना जाता है। इसी कारण से इस मंदिर का नाम शिवगंगा रखा गया है।
शिवगंगा गंगाधरेश्वर मंदिर को "दक्षिण काशी" के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की खासियत यह है कि जब मंदिर के स्वयंभू शिवलिंग पर घी का अभिषेक किया जाता है तो वह मक्खन में बदल जाता है! यह कोई नहीं जानता कि यह भगवान का चमत्कार है या इसके पीछे कोई विज्ञान है। माना जाता है कि यह चमत्कार करीब 1600 साल से हो रहा है। अभिषेक के समय भक्त इस चमत्कार को अपनी आंखों से देख सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि घी जो मक्खन में बदल जाता है उसमें औषधीय शक्तियां होती हैं और इसके सेवन से कई बीमारियां दूर हो जाती हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, इस मंदिर के गर्भगृह से होकर एक गुप्त सुरंग गुजरती है, जो 50 किलोमीटर दूर स्थित गवी गंगाधरेश्वर मंदिर से जुड़ती है। मक्खन से घी बनते तो सभी ने देखा है, लेकिन घी से मक्खन बनते किसी ने न तो देखा है और न ही सुना है। अगर आप यह चमत्कार अपनी आंखों से देखना चाहते हैं तो शिवगंगा मंदिर जाएं और सच्चाई देखें।
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