आसिफ नजरुल ने कही ये बात, बांग्लादेश शेख हसीना के दौर से भी आगे निकल गए रेप के मामले में , यूनुस नहीं संभाल पा रहे देश!
बांग्लादेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और यौन अपराधों को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में देशभर में रेप और यौन उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे छात्रों और महिला संगठनों में काफी गुस्सा है। राजधानी ढाका समेत देश के दूसरे बड़े शहरों में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरूल ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए जल्द ही एक नया कानून लागू करेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पुलिस को किसी भी रेप केस की जांच 15 दिन के अंदर पूरी करनी होगी, जबकि कोर्ट को तीन महीने के अंदर मामले का निपटारा करना होगा।
आसिफ नजरुल ने कही ये बात
आसिफ नजरुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी आरोपी प्रभाव या राजनीतिक दबाव के कारण बच न पाए।
महिला परिषद की रिपोर्ट में खुलासा
बांग्लादेश महिला परिषद की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी महीने में देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुल 189 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 72 मामले नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध से जुड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन 72 मामलों में 30 नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार किया गया। वहीं, पूरे महीने में दर्ज किए गए कुल 48 बलात्कार के मामलों में 8 महिलाएं और 3 नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों के कारण 46 पीड़ितों की जान चली गई, जिनमें 10 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई घटनाओं में महिलाओं के खिलाफ मारपीट, उत्पीड़न और यौन हिंसा जैसे गंभीर अपराध किए गए। यह रिपोर्ट बांग्लादेश के 15 प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों से एकत्र आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
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