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Friday 04 Apr 2025 22:52 PM

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"माफियागिरी खत्म हो गया अब तो सिर्फ रगड़ा जा रहा" मेरा परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया ,अतीक अहमद की आज सीजेएम कोर्ट में पेशी !


अतीक अहमद को 16 दिनों में दूसरी बार सड़क मार्ग से प्रयागराज लाया जा रहा है.

माफिया अतीक अहमद को अहमदाबाद से प्रयागराज ला रहा पुलिस का काफिला बुधवार सुबह झांसी पहुंचा। झांसी पुलिस लाइन में एक घंटा 21 मिनट रुककर अतीक अहमद का काफिला प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। दोपहर तक प्रयागराज पहुंचने की संभावना है। इससे पहले पुलिस का काफिला करीब आधा घंटा शिवपुरी में रुका। अतीक ने यहां मीडिया से कहा, 'मैं आपकी वजह से सुरक्षित हूं। मैंने वहां से कोई कॉल नहीं किया, वहां जैमर लगे हुए हैं। मैंने जेल से कोई साजिश नहीं रची। मैं 6 साल से जेल में हूं। मेरा पूरा परिवार बर्बाद हो गया है।


इससे पहले राजस्थान के बूंदी में अतीक ने कहा था, "मेरा परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया था, मैं जेल में था, मुझे इसके (उमेश पाल हत्याकांड) के बारे में क्या पता?.कोई सवाल कर रहा था कि क्या माफियागिरी  खत्म हो गया जवाब में कहा वो तो कब का खत्म हो गया अब तो  सिर्फ रगड़ा जा रहा!


पुलिस इसी मामले में अतीक के भाई अशरफ को बरेली से प्रयागराज लाएगी। इसके लिए प्रयागराज पुलिस की एक टीम बरेली जेल पहुंच गई है। दोनों भाइयों को आज सीजेएम कोर्ट में पेश किया जा सकता है। जहां पुलिस कोर्ट में रिमांड अर्जी के तहत वारंट बी के तहत उसका रिमांड मांगेगी। इसके बाद दोनों से पूछताछ की जाएगी।





कोर्ट ने उमेश पाल हत्याकांड में वारंट-बी जारी किया था

24 फरवरी को प्रयागराज की जयंतीपुरम कॉलोनी में उमेश पाल की उनके घर के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन समेत पूरे परिवार को नामजद किया है. पुलिस इस हत्याकांड में साक्ष्य जुटा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने अतीक अहमद से पूछताछ के लिए एक सप्ताह पहले एमपी-एमएलए कोर्ट में वारंट-बी के तहत अर्जी दाखिल की थी. जिसके बाद कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली।


प्रयागराज पुलिस मंगलवार सुबह जेल की दो वैन और इंस्पेक्टर समेत 30 पुलिसकर्मियों की टीम लेकर साबरमती जेल पहुंची. वहां कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस अतीक को लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गई। प्रयागराज पुलिस की टीम में एक इंस्पेक्टर, 30 कांस्टेबल शामिल हैं। वारंट बी किसी भी जेल में बंद आरोपी के लिए जारी किया जाता है। वैसे भी जब जांच अधिकारी कोर्ट से कहता है कि हमने इस शख्स को आरोपी बनाया है. फिर अदालत वारंट बी जारी करती है।



अतीक को 26 मार्च को भी प्रयागराज लाया गया था

इससे पहले भी अतीक अहमद को अहमदाबाद से प्रयागराज लाया जा चुका है. यूपी एसटीएफ की टीम 26 मार्च को शाम 5:45 बजे अहमदाबाद जेल से अतीक को लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुई थी। वह 27 मार्च की शाम साढ़े पांच बजे प्रयागराज की नैनी जेल पहुंची। टीम ने 1300 किलोमीटर की दूरी 23 घंटे 45 मिनट में तय की। इस दौरान काफिला 8 जगहों पर रुका।



 उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने कहा,मैं डरी हुई हूं लेकिन आखिरी सांस तक लड़ूंगी

उमेश पाल की मां शांति पाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि अतीक और अशरफ को फांसी हो. जिस तरह से मेरे बेटे उमेश पाल की हत्या की गई, अतीक के बेटे असद और इस हत्याकांड में शामिल सभी शूटरों का एनकाउंटर किया जाए।

 'उमेश पाल हत्याकांड में अब उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी कोर्ट जाना पड़ सकता है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल आदि साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है। अगर हमें या हमारे परिवार के किसी सदस्य को कोर्ट जाना होगा तो हम जाएंगे।


'हम, हमारा परिवार खतरे में है, लेकिन अगर हम यही सोच कर घर बैठेंगी तो हमारे पति की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। जैसे मेरे पति इंसाफ के लिए लड़ते-लड़ते मर गए, वैसे ही मैं या मेरे परिवार का कोई भी सदस्य मारा जाए, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम अतीक अहमद, अशरफ और शूटरों को फांसी पर लटकाकर दम घुटने देंगे। हम अपने पति के लिए आखिरी सांस तक यह लड़ाई लड़ती रहेंगी।

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