जानिए देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए तीन परम रुद्र सुपर कंप्यूटर का क्या उपयोग होगा?
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- अन्तर्राष्ट्रीय समाचार
- Updated: 27 September, 2024 05:16
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (26 सितंबर) को कहा कि कोई देश तभी बड़ी उपलब्धियों को हासिल कर सकता है, जब उसके पास बड़ा विजन हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीबों को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी को उन्नत किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत स्वदेशी रूप से विकसित तीन परम रुद्र सुपर कंप्यूटर को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद यह बात कही। उन्होंने मौसम और जलवायु अनुसंधान के लिए डिजाइन किए गए एक उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) सिस्टम का भी उद्घाटन किया। 'आम आदमी को फायदा होना चाहिए' पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत संभावनाओं के अनंत आकाश में नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, "उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि प्रौद्योगिकी में अनुसंधान का लाभ आम आदमी को मिले। विज्ञान का महत्व केवल आविष्कार और विकास में ही नहीं है, बल्कि अंतिम व्यक्ति की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में भी है। आज अगर हम हाईटेक हो रहे हैं, तो हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी हाईटेक तकनीक गरीबों की ताकत बने।"
'हम यहीं नहीं रुकने वाले'
पीएम मोदी ने कहा, "एक समय ऐसा था जब सुपर कंप्यूटर को कुछ ही देशों की महारत माना जाता था। हमने 2015 में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन की शुरुआत की और आज भारत सुपरकंप्यूटर की दिशा में बड़े देशों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। हम यहीं नहीं रुकने वाले। क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीक में भारत पहले से ही अग्रणी बन रहा है। हमारा राष्ट्रीय क्वांटम मिशन इस क्षेत्र में भारत को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। यह नई तकनीक आने वाले समय में हमारी दुनिया को पूरी तरह से बदलने वाली है। इससे अभूतपूर्व बदलाव आएंगे और आईटी सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री, एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे। सरकार किसको प्राथमिकता दे रही है? पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार विज्ञान, तकनीक और शोध को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, "मिशन गगनयान की तैयारियां शुरू हो गई हैं और 2035 तक हमारे पास अपना खुद का स्पेस स्टेशन होगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण को मंजूरी मिल गई है। शोध के जरिए आत्मनिर्भरता हमारा मिशन है।" सुपरकंप्यूटर कहां लगाए गए? प्रधानमंत्री पहले इन परियोजनाओं का उद्घाटन पुणे से करने वाले थे, लेकिन महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण उनका दौरा रद्द हो गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के मुताबिक, सुपरकंप्यूटिंग तकनीक के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर डिजाइन किए गए हैं। इन सुपरकंप्यूटर को वैज्ञानिक शोध में अग्रणी बनाने के लिए पुणे, दिल्ली और कोलकाता में लगाया गया है। सुपर कंप्यूटर का उपयोग पुणे में विशाल मीटर रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी), फास्ट रेडियो बर्स्ट (एफआरबी) और अन्य खगोलीय घटनाओं का पता लगाने के लिए किया जाएगा। दिल्ली में इंटर यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर (आईयूएसी) पदार्थ विज्ञान और परमाणु भौतिकी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जबकि कोलकाता में एसएन बोस सेंटर भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए मौसम और जलवायु अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए गए उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) सिस्टम को 850 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार किया गया है। पीएमओ के अनुसार, यह परियोजना मौसम संबंधी अनुप्रयोगों के लिए भारत की कम्प्यूटेशनल क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पीएमओ ने कहा कि दो प्रमुख स्थलों - पुणे में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) और नोएडा में राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) में रखे गए एचपीसी सिस्टम में असाधारण कंप्यूटिंग शक्ति है। नए एचपीसी सिस्टम को 'अर्का' और 'अरुणिका' नाम दिया गया है, जो सूर्य से उनके संबंध को दर्शाता है।
ये उच्च-रिज़ॉल्यूशन मॉडल उष्णकटिबंधीय चक्रवातों, भारी वर्षा, आंधी, ओलावृष्टि, गर्म लहरों, सूखे और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी घटनाओं के सटीक पूर्वानुमान और समय को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे।
Comments
Zeba Parveen 1 week ago
useful article