सनातन रक्षा संघ और ड्रैगन एकेडमी ऑफ़ मार्शल आर्ट द्वारा प्रथम विश्व ध्यान दिवस मनाया गया !
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- अन्तर्राष्ट्रीय समाचार
- Updated: 22 December, 2024 00:45
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LUCKNOW:साल 2024 के प्रथम विश्व ध्यान दिवस की थीम 'आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव' है जिसे सनातन रक्षा संघ और ड्रैगन एकेडमी ऑफ़ मार्शल आर्ट के द्वारा बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ लखनऊ में सैकड़ो बच्चों के साथ में प्रथम मेडिटेशन दिवस मनाया
स्थानीय संजय गांधीपुरम मैं ड्रैगन एकेडमी ऑफ़ मार्शल आर्ट मैं कुंग फू के बालक बालिकाओं एवं युवा खिलाड़ियों ने आना-पाना मेडिटेशन का अभ्यास किया वहीं दूसरी ओर आर्मी सेंट्रल कमांड की बालिकाओं को श्रीमती मंजू के द्वारा सूर्या खेल परिसर मैं विपासना मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया जिसका सभी ने बड़े ही मनोयोग से अभ्यास किया
इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक ज्ञान प्रकाश के द्वारा उपस्थित अभ्यास कर्ताओं को बताया गया कि ध्यान मेडिटेशन से शारीरिक और मानसिक लाभ के साथ आध्यात्मिक कल्याण भी होता है। आज पूरी दुनिया मान रही है कि हमारे सर्वांगीण विकास की कुंजी मेडिटेशन या ध्यान ही है।
यह भारत के लिए गर्व का विषय है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत समेत अन्य देशों के प्रस्ताव पर वर्ल्ड मेडिटेशन डे की घोषणा की गयी है। हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और इसके ठीक छ: महीने बाद ड्रैगन एकेडमी ऑफ़ मार्शल आर्ट तथा सनातन रक्षा संघ के द्वारा आज 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया गया।
भारतीय वेदों और पुराणों में ये बात हज़ारों वर्षों पहले ही बता दी गयी थी। इसके साथ ही सनातन ग्रंथों में ध्यान के प्रकार, उनका तरीका और उनका लाभ बहुत विस्तार से लिखा गया है। विश्व में ध्यान के कई प्रकार, जैसे माइंडफुलनेस मेडिटेशन, एकाग्रता ध्यान, मंत्र ध्यान आदि प्रचलित हैं
क्यों करें मेडिटेशन?
आज हर व्यक्ति के जीवन को तनाव ने घेर रखा है। ऐसे में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए मेडिटेशन हमारे जीवन का एक आवश्यक पहलू बन जाता है। वैसे भी साल 2024 के विश्व ध्यान दिवस की थीम 'आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव' है।
अपने चंचल मन को एक जगह रोकना तो कई मायनो में असंभव है। इसीलिए मन पर काबू पाने के लिए संत-महात्माओं से उसे भगवान् की ओर मोड़ने का तरीका बताया है।
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