जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला करने वाले TRF की असली कहानी!
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- अन्तर्राष्ट्रीय समाचार
- Updated: 22 October, 2024 04:27
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विधानसभा चुनाव के ठीक बाद जम्मू-कश्मीर में हुए एक बड़े आतंकी हमले में कुल सात लोगों की मौत हो गई है। इस घटना की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर के एक नए बने आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF ने ली है, जो पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों से जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे लोगों को अपना निशाना बना चुका है।
ये TRF क्या है?
क्या ये जम्मू-कश्मीर में बना आतंकी संगठन है या फिर इसके पीछे पाकिस्तान के वही पुराने आतंकी संगठन हैं जिन्होंने अपना नाम बदलकर नए सिरे से कश्मीर में आतंकवाद शुरू किया है और वो कौन सी सुरंग है जिस पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया है।
दो साल में 500 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ ही सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे के लिए अभियान चलाया था। और इस अभियान को ऑपरेशन क्लीन नाम दिया गया था। इस दौरान चाहे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हों या लश्कर-ए-तैयबा या फिर हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी, सभी का खात्मा कर दिया गया। ऑपरेशन क्लीन चलाकर दो साल के अंदर 500 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया गया. और एक तरह से घाटी में शांति आ गई.
और इसके साथ ही पाकिस्तान पर दबाव बढ़ने लगा, क्योंकि मारे गए आतंकियों का सीधा संबंध पाकिस्तान से था. और भारत इस मुद्दे को बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाता रहा, जिसकी वजह से पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF में ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा था.
पाकिस्तान ने अपनी रणनीति बदली
इसलिए पाकिस्तान ने अपनी रणनीति बदली. उसने सबसे पहले खुद को सुरक्षित किया. और इसके लिए उसने पुराने आतंकी संगठनों से नाम बदलने को कहा. ऐसे में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अपना नाम बदलकर एक नया आतंकी संगठन बना लिया, जिसका नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF रखा गया.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मार्च 2024 में राज्यसभा को यह भी बताया था कि TRF लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रंट है, जिसका गठन साल 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुआ था. माना जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा के साजिद जट, सज्जाद गुल और सलीम रहमानी पाकिस्तान से इस नए बने आतंकी संगठन की कमान संभालते हैं। इस नए बने आतंकी संगठन के निशाने पर सुरक्षा बल के जवान नहीं बल्कि आम नागरिक हैं, जो या तो कश्मीरी पंडित हैं या फिर भारत के किसी दूसरे हिस्से से आकर जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे हैं।
पहली बार किसी विकास परियोजना को बनाया निशाना
आतंकवादियों ने जिस सुरंग को निशाना बनाकर एक डॉक्टर समेत कुल सात लोगों की जान ली, उसका नाम जेड मॉर्फ सुरंग है। यह सुरंग 6.4 किलोमीटर लंबी है, जो कश्मीर के गंदेरबल को सोनमर्ग से जोड़ती है। इस सुरंग के बनने से हर मौसम में सोनमर्ग पहुंचा जा सकेगा, जो कश्मीर के सबसे बड़े पर्यटन स्थलों में से एक है।
इसके अलावा यह सुरंग जोजिला सुरंग का हिस्सा है, जो श्रीनगर को लद्दाख से जोड़ती है। ऐसे में इस सुरंग का अपना सामरिक महत्व है, जिस पर आतंकियों ने हमला किया है। और यह पहली बार है कि आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में किसी विकास परियोजना को निशाना बनाया है। इसके अलावा एनआईए इस आतंकी हमले की जांच में जुटी हुई है।
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