संचारी रोग का कहर यहाँ पड़ सकता है भारी: मालवीय नगर प्रयागराज!
एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हुआ है लेकिन वहीं पर नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी सोए पड़े हुए हैं
भले ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ चंद्रशेखर आजाद पार्क के गेट नंबर 3 पर महापौर अभिलाषा गुप्ता के प्रतिनिधि अनिल केशवानी और स्वास्थ विभाग व नगर निगम के संयुक्त रैली को हरी झंडी दिखाई गई हो लेकिन वास्तविकता इससे भिन्न है, कहीं पर भी पुरानी टूटी नाली सड़क से निकले कीचड़ रात में मच्छरों को न्योता देकर बीमारियों को बढ़ाएगा वहीं पर आला अधिकारी सोये पड़े से अपनी कुर्सी पर केवल कागज के घोड़े दौड़ाएंगे !
प्रयागराज में मालवीय नगर वार्ड नंबर ६२ ही नहीं जहाँ भी आप किसी भी सड़क से किसी भी गली में अंदर जायेंगे तो आपको अफ़सोस बहुत होगा की ऐसे रास्ते पर कैसे आ गए ? जनाब ये तकलीफ तो वीआई पी लोगों को तो जरूर होगी , लेकिन जो बेचारा वहां उन गलियों में रहता है उसकी हालत बयां करते नहीं बनती !
सबसे बड़ी यह है की यहाँ कभी अगर कोई माननीय आये तो समझ पायंगे की यहाँ के लोगों पर क्या बीत रही ? जो अधिकारी कुर्सी पर बैठकर आपकी अप्लीकेशन लेता है उसके विषय में अपने बाबू से तभी पूंछेगा जब वह अप्लीकेशन देने वाला किसी "अपने" का हो ! अब तो बरसात भी शुरू हो गयी है समस्याएं और बढ़ेंगी ! नाली और गली टूटी हुई है , और फोगिंग यहाँ होती नहीं और कोई साहब यहाँ आएंगे नहीं और अगर आ भी गए तो रत में स्ट्रीट लाइट नहीं जलेगी तो क्या देख्नेगे ?
और निरीह जनता कागज देकर जानती है की शायद मेरे "भगवान" मेरी सुन लें ! क्योकि अधिकारी यहाँ की जनता की नहीं सुनते ! इसका अंदाजा आपको इनके कार्यालय जाने पर सच्ची में हो जायेगा ! अब देखना है की इनकी सुनता कौन है ?
जहाँ पर प्रयागराज को स्मार्टसिटी बनाया जा रहा है वही नगर निगम के पास पैसों की कमी दशकों से है! यह बात नगर निगम के यहाँ लोगों ने बताई की नगर निगमकर्मियों की सैलरी तो आ नहीं रही पूरी नाली और सड़क की बात कर रहे है ! ऐसे में वास्तव में लगता है की सरकार का प्रयागराज को स्मार्टसिटी बनाने का प्रोजेक्ट कही सपना न बन जाये ?
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